यहां पर जो मैं प्रयोग दे रहा हूं, यह अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण और दुर्लभ है। प्राचीन ग्रन्थों में बताया गया है कि यह मन्त्रों में सर्वश्रेष्ठ है श्रीर भगवान शंकर ने इस मन्त्र का रहस्य महाबलि रावण को बताया था तथा इसी प्रयोग से वह अपनी नगरी को सोने की बना सका था श्रीर जीवन में आर्थिक दृष्टि से श्रेष्ठता घोर सम्पन्नता प्राप्त कर सका था।वस्तुतः यह मन्त्र सभी दृष्टियों में प्रत्यन्त धनुकूल है। यदि किसी के जीवन में सात पीढियों से दरिद्रता आ रही हो, या उसके जीवन में किसी भी प्रकार से उन्नति नहीं हो रही हो तो यह मन्त्र इसमें तुरन्त अनुकूल फल देने में समर्थ पाया गया है ।मेरे शिष्यों ने इस मन्त्र का लाभ उठाया है, और वे हमेशा हमेशा के लिए अपने जीवन में दरिद्रता मिटाने में समर्थ हो सके है ।वस्तुतः यह मन्त्र घरयन्त ही महत्वपूर्ण धौर श्रेष्ठ माना गया है, व्यापारिक आर्थिक प्रार्थिक उन्नति, श्रौर जीवन में किसी भी प्रकार की बाधाओंों को दूर करने के लिए तथा पूर्ण भौतिक सुख प्राप्त करने के लिए यह मन्त्र प्रयोग अनुकूल है। धन धान्य, भूमि स्वयं का मकान कीर्ति, यश, सम्मान, विजय, दीर्घायु प्राप्त करना तथा जो जीवन में अभाव है, उनको दूर करने के लिए यह प्रयोग अत्यन्त श्रेष्ठ है । इस प्रयोग को पुरुष या स्त्री कोई भी कर सकता है।यह प्रयोग मात्र ११ दिन का है इसकी नित्य एक माला फेरनी चाहिए, इस प्रकार ११ दिन में ११ मालाएं फेरने से यह मन्त्र सिद्ध हो जाता है, और उसे जीवन में पूर्णता प्राप्त होने लगती है ।इसमें साधक को प्रातः स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण कर पूर्व की तरफ मुंह कर बैठ जाना चाहिए और सामने शुद्ध घी का दीपक व अगरबत्ती लगा देनी चाहिए ।इसमें कुबेर यन्त्र आवश्यक है । यन्त्र धातु निर्मित मन्त्र सिद्ध प्राग प्रतिष्ठा युक्त होना चाहिए और साधना करने से पूर्व ही इसे प्राम कर लेना चाहिए ।यह यन्त्र अद्भुत सफलतादायक होता है, साथ ही साथ यदि इस कुबेर यन्त्र के सामने निम्नलिखित मन्त्र का जप किया जाता है तो कुछ ही दिनों में इसका विशेष फल प्राप्त होने लगता है ।वस्तुतः यह प्रयोग अत्यन्त श्रेष्ठ है और जो व्यक्ति जीवन में पूर्ण समृद्धि, प्रार्थिक उन्नति और सफलता चाहते है, उन्हें इसका प्रयोग अवश्य ही करना चाहिए। मेरी राय में तो प्रत्येक साधक को जीवन में एक बार इसका प्रयोग करना ही चाहिए ।यदि दीपावली की रात्रि को इस यन्त्र के सामने केवल एक माला इस मन्त्र की कर ली जाय तो तुरन्त सफलता दिखाई देती है ।इसके अलावा भी जीवन में जब भी शुभ पर्व या त्यौहार हो तो कुबेर यंत्र के सामने इस कुबेर मन्त्र का जप करने से जीवन में निरन्तर उन्नति होती रहती है और उसे जीवन में किसी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं रहता है ।
मन्त्र ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवरणाय धन धान्यादि पतये धन धान्य समृद्धि मे देहि दापय स्वाहा ।
वस्तुतः इस मन्त्र का ११ दिन का प्रयोग तो करना ही चाहिए और यदि नित्य कुबेर यन्त्र के सामने इस मन्त्र का मात्र ११ बार उच्चारण कर लिया जाय तब भी नित्य उन्नति श्रनुभव कर सकता है और उसके जीवन में किसी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं रहता ।मेरी राय में जो गृहस्थ व्यक्ति अपने जीवन में श्रार्थिक उन्नति चाहते है और यह चाहते है कि उनके घर के प्रभाव समाप्त हो जाय और अपने व्यापार में श्रद्भुत सफलता चाहते है, उनको इसका प्रयोग अवश्य ही करना चाहिए और अपने घर में कुबेर यन्त्र का स्थापन निश्चित रूप से कर लेना चाहिए।इसके अलावा भी कुबेर यन्त्र पर कई प्रकार के मन्त्र सिद्ध किये जाते है, परन्तु यह मन्त्र विशेष फलदायक है और यदि कुबेर यन्त्र के सामने इसका प्रयोग किया जाता है, तो जल्दी ही सफलता प्राप्त हो जाती है ।वस्तुतः मैंने अपने जीवन में अनुभव किया है, कि यह प्रयोग अनुभूत सफलतादायक और अश्चर्यजनक रूप से उन्नति देने वाला है ।
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